
देखादेखी ब्लेड से हाथों को खरोंच लिया स्कूली बच्चों ने
स्कूली बच्चों के हाथों में चोट के निशान का मामला सुलझा


धमतरी। कुरुद ब्लॉक के ग्राम दहदहा में 35 स्कूली बच्चों द्वारा अपने हाथों को धारदार हथियार से काटने के पीछे कारणों की परतें अब खुलने लगी हैं और मामला सुलझता नजर आ रहा है।
प्रशासन द्वारा भेजी गई मेडिकल टीम ने सभी बच्चों का निरीक्षण किया और बताया है कि बच्चे मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ हैं। इसके पीछे नशेबाजी या अंधविश्वास जैसी कोई बात नहीं है।
सप्ताहभर पहले कुरुद विकासखंड के दहदहा ग्राम के शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला के 35 बच्चों के हाथों में धारदार हथियारों से कलाई और उसके ऊपर काटे जाने के निशान पाए जाने पर हड़कंप मच गया। इसे लेकर तरह तरह की बातें होने लगीं।नशेबाजी से लेकर टोना टोटका तक की संभावनाएं जताई गईं। देखते ही देखते यह मामला प्रदेश स्तर की सुर्खी बन गया।
बात फैली, तो प्रशासन भी हरकत में आया और मामले की जांच शुरू की शिक्षा विभाग में तत्काल एक टीम गठित कर भेजा।वहीं स्वास्थ्य विभाग से डॉक्टरों का एक दल स्कूल पहुंचा और बच्चों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य की गहन जांच की।
जिला शिक्षा अधिकारी अभय अभय कुमार जायसवाल जायसवाल ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम के मुताबिक सभी बच्चे पूर्णतः स्वस्थ हैं। काउंसलिंग के दौरान बच्चों ने बताया कि उन्होंने एक दूसरे की देखा देखी अपने हाथों को खरोंच लिया है।किसी ने सेफ्टी पिन तो किसी ने ब्लेड का उपयोग किया। कुछ बच्चों ने तो अपने कंपास में रखें डिवाइडर से ही हाथों में निशान बना लिया है।
डॉक्टरों के मुताबिक सभी निशान एक साथ नहीं बनाए गए हैं।कुछ निशान 6 माह पुराने भी हैं,तो कुछ महीनेभर से ज्यादा पुराने हैं।15 दिन तक पुराने निशान भी मिले हैं। सौभाग्य से ये निशान गहरे नहीं हैं। जिन्हे काटना भी नहीं कहा जा सकता।बच्चों के हाथों की त्वचा की ऊपरी सतह ही खरोंची गई है। घटना के बाद विभाग द्वारा स्कूलों के लिए एक गाइडलाइन जारी की गई है, जिसमें बच्चों के सर्वांगीण विकास पर नजर रखने कहा गया है।
पढ़ाई के साथ बच्चों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य की सतत निगरानी रखने भी कहा गया है। वहीं पालकों को भी समझाइश दी गई है।





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