
बोर्ड परीक्षार्थियों की समस्याओं का निशुल्क समाधान कर रहे सॉल्यूशन डेस्क के विषय विशेषज्ञ
रायपुर । छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की कक्षा 10वीं एवं 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं को अब चंद दिन ही शेष रह गए हैं। कक्षा 12वीं की परीक्षाएं 20 फरवरी से हम दसवीं की 21 फरवरी से प्रारंभ होने जा रही है। परीक्षाओं के निकट आते ही विद्यार्थी में पढ़ाई का जुनून सवार हो गया। ऐसे में प्सॉल्यूशन डेस्क – बोर्ड एग्जाम विद्यार्थियों के लिए वरदान साबित हो रहा है ।

शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए जाने पहचाने वाले गरियाबंद जिले के फिंगेश्वर विकास खंड में पदस्थ अंग्रेजी के व्याख्याता एवं शासकीय राम बिशाल पाण्डेय स्वामी आत्मानंद स्कूल राजिम के पूर्व प्राचार्य संजय एक्का ने अभिनव पहल करते हुए बोर्ड परीक्षा में शामिल होने वाले विद्यार्थियों की मदद के लिए मनोविज्ञान के एक्सपर्ट सहित सभी विषय विशेषज्ञों की एक टीम ष्सॉल्यूशन डेस्क – बोर्ड एग्जामध् बनाया है। बोर्ड परीक्षार्थी किसी भी विषय की अवधारणाओं को समझने में समस्या होने की स्थिति में सॉल्यूशन डेस्क के विषय विशेषज्ञों से उनके मोबाइल नंबर पर कॉल करके अपनी समस्याओं का समाधान प्राप्त कर सकते हैं। इतना ही नहीं यदि कोई विद्यार्थी परीक्षा का अत्यधिक तनाव है चिंता और डर से ग्रस्त हैं, पढ़ाई में मन नहीं लगता है, ऐसे विद्यार्थियों की काउंसलिंग के लिए मनोविज्ञान विशेषज्ञ भी टीम सॉल्यूशन डेस्क में उपलब्ध हैं। सन् 2017 से सॉल्यूशन डेस्क – बोर्ड एग्जाम शुरू हुआ है तब से लगातार टीम के विषय विशेषज्ञ पूरे समर्पण और सेवा भाव से कक्षा 12वीं का दसवीं बोर्ड परीक्षाओं की विषय से संबंधित समस्याओं का समाधान कर रहे हैं। जैसे ही परीक्षाएं निकट आती है टीम सॉल्यूशन डेस्क के विषय विशेषज्ञों की लिस्ट उनके मोबाइल नंबर के साथ व्हाट्सएप टेलीग्राम फेसबुक आदि सोशल मीडिया एवं अन्य माध्यमसे वायरल कर दी जाती है। जो भी विद्यार्थी किसी भी विषय के किसी भी अवधारणा के संबंध में अपनी समस्या का निदान चाहते हैं तो वे संबंधित विषय विशेषज्ञ के पास मोबाइल पर कॉल कर समाधान प्राप्त करते हैं। विषय विशेषज्ञ शिक्षक भी बहुत ही धैर्य के साथ विद्यार्थी के प्रश्नों का उत्तर देते हैं। इस बार भी जैसे ही विषय विशेषज्ञों की लिस्ट वायरल हुई है तब से विद्यार्थियों के कॉल सभी विषय विशेषज्ञ शिक्षकों के पास लगभग बाढ़ की तरह आने लगे हैं। सॉल्यूशन डेस्क की टीम में लगभग 50 विषय विशेषज्ञ शिक्षक हैं। प्रत्येक शिक्षक अपने क्षेत्र में नवाचारी गतिविधियों के लिए प्रसिद्धि प्राप्त हैं। सभी शिक्षकों के पास प्रतिदिन सुबह से शाम तक लगातार कॉल आ रहे हैं इस प्रकार प्रतिदिन पूरे छत्तीसगढ़ के हजारों विद्यार्थी अपनी समस्या का समाधान प्राप्त कर रहे हैं।
सॉल्यूशन डेस्क बोर्ड एग्जाम के संयोजक संजय एक्का ने बताया की विद्यार्थी विषय से संबंधित अवधारणाओं को समझने के लिए तो कॉल करते ही हैं साथ ही कई अन्य प्रकार के प्रश्न भी करते हैं जैसे परीक्षा तैयारी कैसे किया जाए, उत्तर याद नहीं होते हैं कैसे याद किया जाए, परीक्षा का डर लग रहा टेंशन हो रहा है आदि।
सॉल्यूशन डेस्क टीम में मनोवैज्ञानिक काउंसलर नीलीमा लकरा और अन कुरियन हैं साथ ही संजय एक्का भी अपने लंबे अनुभव के आधार पर विद्यार्थियों की काउंसलिंग और अंग्रेजी विषय से सम्बन्धित समस्याओं का समाधान करते हैं।टीम सॉल्यूशन डेस्क में हिंदी विषय के विशेषज्ञ डॉ सीमा अग्रवाल, तिलोत्तमा प्रधान, वशिष्ठ प्रधान, शंकर गोयल, अंग्रेजी विषय के विशेषज्ञ संजय एक्का, वंदना तिवारी, सूरज चंद्राकर धनेश राम सिन्हा, नीलिमा लकरा, अश्वनी राठौर, संस्कृत के विशेषज्ञ आशीष जैन, सुरेखा सेन गणित विषय के उदम सिंह रामगढ़िया, योगेश ठाकुर, अजय तिवारी, जीव विज्ञान के विषय के सतीश मालवीय, कविता सिन्हा, सामाजिक विज्ञान के झालेंद्र दीवान, सिंह डॉ नरेंद्र पर्वत, अंशुमान तांडी, भौतिक विज्ञान के रमेश पॉल, घनश्याम यदू रसायन शास्त्र नंद कुमार चौधरी, कृष्णा अग्रवाल कॉमर्स विषय के विशेषज्ञ अभिषेक गोलछा, रुद्र नारायण सोनी, अर्थशास्त्र विशेषज्ञ मिताजंलि मोहंती भूगोल के विषय विशेषज्ञ नोहर लाल साहू, महावीर प्रसाद चंद्रा, एस के वर्मा, राजनीति विज्ञान विशेषज्ञ रीना सिंन्हा, दिलीप साहू, इतिहास विशेषज्ञ अभिलाषाएं शुक्ला, एमके शोरी, साधना शर्मा, कृषि विषय के कांता कुमार कंवर आदि शिक्षक विद्यार्थियों के हित में अपनी निरूशुल्क सेवाएं दे रहे हैं।उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल के द्वारा भी हेल्प डेस्क प्रारंभ किया गया है लेकिन सूत्रों के अनुसार टीम सॉल्यूशन डेस्क के विषय विशेषज्ञों के पास आने वाले कॉल की संख्या मंडल के हेल्प डेस्क में आने वाले कॉल की संख्या से बहुत अधिक है। विद्यार्थी गण टीम सॉल्यूशन के विषय विशेषज्ञों के द्वारा दिए जाने वाले समाधान से बहुत ही अधिक संतुष्ट भी हो रहे हैं। इधर विषय विशेषज्ञ शिक्षकों के लिए यह एक बहुत ही चुनौती भरा कार्य है। क्योंकि दिन में सैकड़ो कॉल एक-एक शिक्षक के पास आ रहे हैं और वह भी ऐसे समय में जब शिक्षक स्वयं भी अपनी ड्यूटी में या किसी अन्य कार्यों में व्यस्त रहते हैं। ऐसे समय में मिस कॉल हो जाने पर शिक्षक फ्री होने पर स्वयं विद्यार्थियों को कॉल बैंक करते हैं। अपनी स्वयं के कार्यों की व्यस्तता के साथ फोन पर ही विद्यार्थियों की समस्याओं का समाधान देते हुए और उनके सभी प्रकार के प्रश्नों का उत्तर धैर्य पूर्वक देकर विद्यार्थियों की संतुष्ट करना सबसे बड़ी चुनौती है। इस चुनौती को सभी शिक्षक बहुत ही निस्वार्थ भाव से बखकी पूरा कर रहे हैं। वास्तव में ऐसे शिक्षक न केवन बच्चों का भविष्य संवार रहे हैं बल्कि अध्यशिक्षकों के लिए आदर्श भी सिद्ध हो रहे हैं।





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