
70 साल पुरानी आस्था को मिला नया जीवन: धमतरी में ‘आनंदेश्वर महादेव’ के रूप में जागी शिवभक्ति की अलख
जब परिवार की श्रद्धा बनी संकल्प: धमतरी के पुराने शिवालय ने लिया ‘आनंदेश्वर महादेव’ का दिव्य रूप

धमतरी | धार्मिक आस्था, परंपरा और परिवार की श्रद्धा का सुंदर संगम उस समय देखने को मिला, जब धमतरी के पुराना बस स्टैंड स्थित एक 70 वर्ष पुराने शिव मंदिर का नवजीवन प्रारंभ हुआ। वर्षों से रूपवानी परिवार की आस्था का केंद्र रहा यह प्राचीन मंदिर अब नए नाम और नव स्वरूप के साथ “आनंदेश्वर महादेव” के रूप में स्थापित हो गया।महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर रूपवानी परिवार ने मंदिर के जीर्णोद्धार का संकल्प लिया।
टूटती दीवारें, समय की मार झेलता शिखर और शांत पड़े प्रांगण को नए सिरे से सजाया-संवारा गया। जैसे ही मंदिर ने नया रूप धारण किया, पूरे परिसर में उत्साह और श्रद्धा का वातावरण छा गया।
13 फरवरी को प्रथम दिवस पर भगवान गणेश, कार्तिकेय और माता पार्वती की विधिवत मूर्ति स्थापना की गई। मंत्रोच्चार के बीच जब प्रतिमाएं स्थापित हुईं, तो वातावरण भक्तिरस से सराबोर हो उठा।
अगले दिन 14 फरवरी को वैदिक रीति-रिवाजों के साथ यज्ञ एवं आहुति का आयोजन हुआ। मुख्य यजमान के रूप में मनीष रूपवानी अपनी धर्मपत्नी एकता रूपवानी के साथ पूजा में बैठे। परिवार के सदस्यों की उपस्थिति ने इस धार्मिक अनुष्ठान को पारिवारिक उत्सव का स्वरूप दे दिया।
15 फरवरी को महाशिवरात्रि के दिन मंदिर में विशेष उत्सव का आयोजन किया जाएगा। प्रातःकाल से ही जलाभिषेक और रुद्राभिषेक का कार्यक्रम प्रारंभ होगा, जिसे पंडित लक्ष्य उपाध्याय मंत्रोच्चार के साथ संपन्न कराएंगे।
भक्तों के लिए यह दिन विशेष आध्यात्मिक अनुभूति का अवसर बनेगा।इस पूरे आयोजन में गोकुल रूपवानी, ईश्वर रूपवानी, नंदू रूपवानी, राकेश रूपवानी, प्रतीक रूपवानी, अनिकेत रूपवानी, मोहित रूपवानी, निखिल रोहरा, जय सिंघानी, अजय अदानी, विक्रांत शर्मा, प्रियेश पटेल, रुचिर पंजवानी, सौरभ लिखी और सुमित त्रिवेदी सहित परिवार एवं समाज के अनेक सदस्य उपस्थित रहे।
पुराने मंदिर का यह जीर्णोद्धार केवल भवन का नवीनीकरण नहीं, बल्कि आस्था के दीप को पुनः प्रज्वलित करने का प्रयास है। “आनंदेश्वर महादेव” अब केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि श्रद्धा, परंपरा और पारिवारिक एकता का जीवंत प्रतीक बन गया है।





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