
महासमुंद जिला जल अभावग्रस्त घोषित, नए नलकूप खनन पर लगा प्रतिबंध
कलेक्टर विनय कुमार लंगेह का आदेश तत्काल प्रभाव से लागू

महासमुंद, 17 फरवरी 2026।आगामी ग्रीष्म ऋतु में संभावित जल संकट को देखते हुए कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री विनय कुमार लंगेह ने महासमुंद जिले को जल अभावग्रस्त क्षेत्र घोषित कर दिया है। यह आदेश छत्तीसगढ़ पेयजल परिरक्षण अधिनियम, 1986 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए जारी किया गया है, जो आगामी आदेश तक प्रभावशील रहेगा।
जारी आदेश के अनुसार सक्षम अधिकारी की पूर्वानुमति के बिना जिले में पेयजल के अतिरिक्त किसी अन्य प्रयोजन के लिए नए नलकूप खनन पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। हालांकि शासकीय, अर्द्धशासकीय संस्थानों एवं नगरीय निकायों को पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु अपने क्षेत्र में नलकूप खनन के लिए पूर्व अनुमति की आवश्यकता नहीं होगी, लेकिन उन्हें निर्धारित नियमों एवं मानकों का पालन करना अनिवार्य होगा।
अनुमति के लिए अधिकारी अधिकृत जनसुविधा को ध्यान में रखते हुए नलकूप खनन की अनुमति प्रदान करने के लिए अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी को महासमुंद नगर पालिका क्षेत्र तथा संबंधित अनुविभागों में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को अधिकृत किया गया है।
अनुमति देने से पूर्व संबंधित अधिकारियों द्वारा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, नगरीय निकाय एवं तहसील कार्यालय से आवश्यक प्रतिवेदन प्राप्त कर नियमानुसार निर्णय लिया जाएगा।
केवल पंजीकृत एजेंसियों को ही अनुमति
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि बोरवेल खनन एवं मरम्मत का कार्य केवल पंजीकृत एजेंसियों द्वारा ही किया जाएगा। अधिनियम के उल्लंघन की स्थिति में संबंधित व्यक्ति या एजेंसी के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।प्रशासन का यह कदम जल संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है, जिससे गर्मी के मौसम में पेयजल संकट की स्थिति को नियंत्रित किया जा सके।





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