
जनता की मांग : श्रेय ले लो साहब, लेकिन सड़क बनवा दो।”
रत्नाबांधा से पोटियाडीह तक रोड की स्थिति बदहाल ।
जनप्रतिनिधियों की आंखें अब तक बंद!
धमतरी।
धमतरी से दुर्ग जाने वाला मुख्य मार्ग जहां रोजाना हजारों वाहनों का आवागमन होता है, वह आज पूरी तरह जर्जर हालत में है। रत्नाबांधा से लेकर पोटियाडीह तक सड़क की स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि स्थानीय लोग रोजाना मौत को दावत देने मजबूर हैं। गड्ढों और धूल-कीचड़ से भरे इस मार्ग ने लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी को कठिन बना दिया है।



महापौर और विधायक को होते है सड़क के गढ्ढों के रोज दर्शन…
विडंबना देखिए, यही मार्ग रत्नाबांधा होते हुए निकलता है जहां धमतरी महापौर रामू रोहरा का निवास है। इसी सड़क से होकर आमदी निवासी विधायक ओंकार साहू रोजाना शहर आते-जाते हैं। जनता अब तंज कसते हुए कह रही है – “श्रेय ले लो साहब, लेकिन सड़क बनवा दो।”
लोगों ने सीधे-सीधे अपने प्रतिनिधियों को सोशल मीडिया ग्रुपों और सार्वजनिक मंचों पर लिखकर कहा है कि हमें यह फर्क नहीं पड़ता कि काम का श्रेय कौन लेता है, बस इस खस्ताहाल सड़क का निर्माण तुरंत कराया जाए।
निरीक्षण में दिखी भयावह तस्वीर
द हॉकर न्यूज़ के प्रतिनिधि ने स्वयं मौके पर जाकर इस सड़क का निरीक्षण किया। रत्नाबांधा से मुजगहन, पोटियाडीह होते हुए आमदी तक जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे सड़क को लील चुके हैं। कहीं डामर पूरी तरह उखड़ चुका है तो कहीं बारिश का पानी जमा होकर कीचड़ में बदल गया है। बाइक सवार गिरने की कगार पर चलते हैं और चारपहिया वाहनों को घंटों में कुछ ही किलोमीटर का सफर तय करना पड़ता है।
प्रतिनिधि ने अपने कैमरे से तस्वीरें लेकर इस सड़क की असलियत को उजागर किया। तस्वीरों ने साफ कर दिया कि यह मार्ग अब “सड़क” कम और “खाई व गड्ढों की श्रृंखला” ज्यादा दिखता है।
जनता का फूटा गुस्सा
स्थानीय निवासियों का कहना है कि जब उनके जनप्रतिनिधि खुद इसी सड़क से रोज गुजरते हैं, तो फिर आखिर समस्या पर ध्यान क्यों नहीं दिया जा रहा? आमजन का सवाल सीधा है –
- क्या नेताओं को सड़क तभी दिखेगी जब कोई बड़ा हादसा होगा?
- क्या जनता सिर्फ चुनावी समय पर वोट देने के लिए है और बाकी समय में उन्हें बदहाल सड़कों पर जीने के लिए छोड़ दिया जाएगा?
लोगों का कहना है कि विधायक और महापौर को इस सड़क के निर्माण का तुरंत संज्ञान लेना चाहिए। “श्रेय की लड़ाई आपस में कीजिए, लेकिन सड़क को प्राथमिकता दीजिए” – यही जनता की सख्त मांग है।
सवालों के घेरे में जिम्मेदार
धमतरी से दुर्ग जाने वाला यह मार्ग प्रदेश के महत्वपूर्ण सड़कों में गिना जाता है। इसके बावजूद इसकी मरम्मत और चौड़ीकरण की ओर अब तक गंभीर कदम क्यों नहीं उठाए गए? आखिर प्रशासन और जनप्रतिनिधि कब तक आंख मूंदकर बैठेंगे?
अब जनता की नजरें टिकी
जनता अब देख रही है कि कब इस समाचार और लगातार उठती आवाजों पर कार्रवाई होती है। क्या जनप्रतिनिधि जनता की पुकार सुनकर जागेंगे, या फिर सड़क की यह बदहाली आने वाले समय में चुनावी मुद्दा बनकर खड़ी होगी?
अब सवाल सीधा है – जनता का सब्र टूट चुका है, नेताओं का ध्यान कब टूटेगा?
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