
बड़ी रेल लाईन के लिए संघर्ष के प्रणेता विनोद कक्का ने साइकिल में घूम घूम कर जगाया धमतरी के आमजनों को
आज कक्का के साथ आंदोलन करने वालो के जल्द होगा सपना पूरा

कक्का की खुशी,बड़ी रेल लाइन का सफर साइकिल से पूरी की

धमतरी. शहर के वरिष्ठ समाज सेवी विनोद जैन जिन्हें लोग प्यार से कक्का कहकर पुकारते है। आज कक्का कुछ दिनों से अस्वस्था के कारण घर पर ही रहते है लेकिन कक्का से आज भी लोग मिलने जाते है उनसे वो शहर के प्रगति पर चर्चा करते नहीं थकते यही कारण है कि वो छोटी रेल लाइन को बड़ी लाइन बनवाने के लिए संघर्ष साथियों के साथ दिल्ली तक अपनी आवाज को बुलंद किये है। विनोद कक्का के साइकिल के पहियों में संघर्ष 2008 में शहर के गणमान्य नागरिकों के द्वारा लोक निर्माण विभाग के रेस्ट हाउस में बैठकर ब्राड गेज संघर्ष समिति का गठन कर वरिष्ठ समाज सेवी विनोद जैन कक्का को संयोजक की जिम्मेदारी दी गई थी तत्पश्चात 40 दिनों तक शहर के हृदय स्थल में क्षेत्र के अनेक समाज,पत्रकार, अधिवक्ता, खिलाड़ी, सहित समाजसेवी तथा प्रबुद्ध वर्गों ने धरने में बैठकर सरकार का ध्यान क्षेत्र की इस बहु प्रतीक्षित महत्वपूर्ण मांग पर अपनी ओर खींचा था इस पूरे आंदोलन के सूत्रधार विनोद जैन आज उम्र के उसे पड़ाव में है कि अब चल फिर नहीं सकते लेकिन उन्होंने पूरे आंदोलन को जीवन भर साइकिल में चलने वाले इस साइकिल से पूरी कर दी पूरे आंदोलन का खर्च साइकिल में घूम-घूम कर इकट्ठा करते हुए आंदोलन को धमतरी के हृदय स्थल मकई चौक से दिल्ली के जंतर मंतर तक पहुंचा जिसका परिणाम है कि आज बड़ी रेल लाइन का ट्रायल कुरूद तक हो गया और वह दिन दूर नहीं अति शीघ्र धमतरी में भी बड़ी रेल लाइन पहुंचकर धमतरी वासियों का देखा हुआ सपना पूरा करेगा।





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