C.G.

साय सरकार का तीसरा बजट ‘ज्ञान-गति की दुर्गति’ का दस्तावेज: उदित साहू

रोजगार, शिक्षा, कृषि और महिला सुरक्षा पर खाली हाथ; 1.72 लाख करोड़ के बजट को बताया जुमलों का पुलिंदा

धमतरी। उदित साहू, सचिव छत्तीसगढ़ प्रदेश युवा कांग्रेस ने विष्णुदेव साय सरकार के तीसरे बजट को आम जनता की अपेक्षाओं और उम्मीदों के विपरीत घोर निराशाजनक बताया है। उन्होंने कहा कि यह बजट काल्पनिक है और धरातल पर पूरी तरह शून्य साबित होगा।उदित साहू ने बजट को ‘ज्ञान-गति की दुर्गति’ के बाद ‘संकल्प’ का नया जुमला करार देते हुए कहा कि जनता अब जुमलों की पतंग काटने का मन बना चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि बजट में रोजगार, शिक्षा, कृषि, महिला सुरक्षा जैसे मूल मुद्दों पर कोई ठोस प्रावधान नहीं है, बल्कि कॉर्पोरेट हितों को बढ़ावा देने वाली योजनाओं को प्राथमिकता दी गई है।वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 1 लाख 72 हजार करोड़ रुपये के बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि इतने बड़े बजट में नए रोजगार सृजन के स्पष्ट अवसरों का अभाव है। मुख्यमंत्री बस योजना के लिए मात्र 10 करोड़ रुपये का प्रावधान सरकार की गंभीरता पर प्रश्नचिह्न लगाता है।उन्होंने बस्तर विकास प्राधिकरण के लिए 50 करोड़ रुपये के प्रावधान को भी अपर्याप्त बताया। राजधानी रायपुर में ऊपरी पुल तथा राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण के लिए कम राशि के आवंटन पर भी सवाल उठाए। आयुष्मान भारत योजना के लिए 1500 करोड़ रुपये का प्रावधान अस्पतालों की लंबित देनदारियों के सामने बेहद कम बताया गया।उदित साहू ने आरोप लगाया कि वित्त मंत्री केंद्रीय योजनाओं का श्रेय लेने में व्यस्त हैं, जबकि राज्य के संसाधनों के संरक्षण और स्थानीय उद्योगों को मजबूती देने के लिए कोई ठोस नीति नहीं दिखाई दे रही। आयरन-स्टील और कृषि आधारित इकाइयों के संरक्षण पर भी बजट मौन है।उन्होंने कहा कि अनियमित एवं संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण का वादा अधूरा है। रसोइया संघ और महिलाओं के लिए कोई विशेष प्रावधान नहीं किया गया है। महिला सुरक्षा और रोजगार के लिए कोई विशेष पैकेज घोषित नहीं हुआ। रानी दुर्गावती योजना को भी अस्पष्ट बताया गया।उदित साहू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 500 रुपये में एलपीजी गैस सिलेंडर देने के आश्वासन का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने गैस सब्सिडी के लिए एक रुपये का भी स्पष्ट बजट प्रावधान नहीं किया है।उन्होंने यह भी कहा कि छात्राओं को स्कूल और कॉलेज तक निशुल्क पहुंचाने के वादे पर भी बजट में कोई स्पष्ट घोषणा नहीं है। मध्यमवर्गीय और गरीब परिवारों के लिए राहत का अभाव है।अंत में उन्होंने कहा कि साय सरकार का तीसरा बजट भी जनता को निराश करने वाला साबित हुआ है। यह बजट विकास की बजाय कागजी घोषणाओं और लोकलुभावन वादों तक सीमित नजर आता है।

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