
अंतरराज्यीय खैर लकड़ी का तस्कर हुआ गिरफ्तार, देखने को मिला हाई प्रोफाइल ड्रामा….
बसना। छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश और ओडिशा के घने जंगलों से ‘लाल सोना’ यानी खैर का पेड़ तस्कर सरसींवा निवासी मनीष अग्रवाल को रायगढ़ पुलिस द्वारा सिविल कोर्ट बसना के सामने से गिरफ्तार किया गया।


आरोपी मनीष अग्रवाल चेक बाउंस के एक केस में सिविल कोर्ट में पेशी में आया था तभी न्यायालय के बाहर घात लगाकर बैठे रायगढ़ पुलिस के द्वारा फ़िल्मी तरीके से भारी गहमा- गहमी और हंगामा के बीच गिरफ्तार कर रायगढ़ ले जाया गया कल की मनीष अग्रवाल का गुर्गा सलालुद्दीन को भी रायगढ़ पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर ले जाया जा चूका है।
तस्कर को गया था आभास
प्रत्यक्षदर्शीयो के बताये अनुसार मनीष अग्रवाल को अपनी गिरफ्तारी का आभास हो गया था।
जिसके कारण वह सिविल कोर्ट बसना से तेजी से भागते हुए अपने वाहन में बैठकर भागने का प्रयास करने लगा जिसके बाद सामने से सिटी कोतवाली रायगढ़ में दर्ज अपराध क्रमांक 490/26 में पुलिस द्वारा आरोपी के वाहन को रोकने का प्रयास किये जाने पर तेजी से भागने के प्रयास करने में कोई कसर नहीं छोड़ी।आरोपी और उसके परिवारजनो के द्वारा घंटो तक भारी हंगामा करने के बाद अंततः काफ़ी मशक्कत के बाद गिरफ्तारी हो पाई,आरोपी के परिवार की महिला पुलिस के बोनट में बैठकर गिरफ्तारी का विरोध करने लगी।उक्त धक्कामुक्की में एक महिला आरक्षक को सर पर चोट भी आई।
देखिए पुलिस ने कैसे किया गिरफ्तार….
आरोपी मनीष पर दर्ज हैं 10 से अधिक मामले, दो बार जा चुका है जेल
मनीष अग्रवाल पर छत्तीसगढ़ के अलग-अलग थानों में नौ से अधिक मामले हैं। जबकि ओडिशा व मध्यप्रदेश में भी मनीष व उसके भाई के खिलाफ मामले दर्ज हैं। बताया गया है कि मनीष के इस काम में सलालुद्दीन समेत आधा दर्जन से ज्यादा लोग पूरी तरह संलिप्त हैं। मनीष के खिलाफ माना, मंदिरहसौद, खरोरा, रायगढ़, भाटापारा-रायपुर, पिथौरा और रायपुर समेत ओडिशा के थानों में भी मामला दर्ज है।





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