
हिंदू सम्मेलन का ऐतिहासिक आयोजन,समरसता और राष्ट्र चेतना का हुआ जागरण
हिंदू सम्मेलन का ऐतिहासिक आयोजन,समरसता और राष्ट्र चेतना का हुआ जागरण
धमतरी। मराठा पारा बस्ती, धमतरी नगर में आयोजित हिंदू सम्मेलन गरिमा, अनुशासन और सामाजिक समरसता के वातावरण में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। “संस्कृति सबकी एक, चिरंतन रग-रग में हिंदुत्व” के मूल मंत्र के साथ आयोजित इस सम्मेलन में नगर सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में नागरिकों, युवाओं एवं मातृशक्ति ने सहभागिता की।


सम्मेलन का उद्देश्य समाज में सांस्कृतिक चेतना जागृत करना एवं राष्ट्रीय मूल्यों को सुदृढ़ करना रहा।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सुप्रसिद्ध भागवताचार्य गौरव शर्मा जी ने अपने संक्षिप्त उद्बोधन में कहा कि हिंदुत्व कोई संकीर्ण अवधारणा नहीं, बल्कि एक व्यापक जीवन दृष्टि है। यह संस्कार, करुणा और कर्तव्यबोध के माध्यम से समाज को जोड़ने का कार्य करता है।
सम्मेलन की अध्यक्षता समाजसेवी श्रीमती प्रगति पवार ने की। उन्होंने पंच परिवर्तन विषय पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सामाजिक समरसता, स्वदेशी, पर्यावरण संरक्षण, कुटुंब प्रबोधन और नागरिक कर्तव्य—इन पांच बिंदुओं को अपनाकर समाज की अनेक समस्याओं का समाधान किया जा सकता है। उन्होंने पर्यावरण संतुलन बनाए रखने, भारतीय कुटुंब परंपरा को सहेजने तथा स्व आधारित जीवनशैली अपनाने पर जोर दिया।कार्यक्रम के मुख्य वक्ता समाजसेवी भूनेश्वर साहू जी ने संघ यात्रा के 100 वर्ष विषय पर विस्तार से अपने विचार रखे।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष केवल एक संगठन की यात्रा नहीं, बल्कि भारत के सामाजिक और सांस्कृतिक पुनर्जागरण की प्रेरणादायी गाथा हैं। संघ की स्थापना के बाद से ही उसका लक्ष्य व्यक्ति निर्माण के माध्यम से राष्ट्र निर्माण रहा है।उन्होंने बताया कि स्वतंत्रता संग्राम से लेकर आज तक संघ ने आपदा राहत, सामाजिक समरसता, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, ग्राम विकास एवं महिला सशक्तिकरण जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य किए हैं। स्वयंसेवकों को अनुशासन, त्याग और राष्ट्रभक्ति की शिक्षा देकर समाज को संगठित करने का कार्य किया गया। श्री साहू ने कहा कि संघ की सबसे बड़ी शक्ति उसका स्वयंसेवक है, जो निःस्वार्थ भाव से समाज और राष्ट्र सेवा में निरंतर सक्रिय है। उन्होंने युवाओं से राष्ट्र सेवा को जीवन का लक्ष्य बनाने का आह्वान किया।मंचीय कार्यक्रम के पूर्व स्वागत पश्चात बालिकाओं श्रीविद्या देवांगन और सोनम निर्मलकर ने… सर पर हिमालय का छत्र है,चरणों में नदिया एकत्र है गीत पर युगल नृत्य प्रस्तुत किया।योगेश साहू ने संघ गीत प्रस्तुत कर वातावरण को ओजस्वी बनाया, वहीं सूर्यांश रणसिंह ने राम भजन प्रस्तुत कर पूरे माहौल को भक्तिमय कर दिया। कार्यक्रम का आभार प्रदर्शन वरिष्ठ नागरिक विनोद राव रणसिंह ने किया। मंच संचालन प्रतिक्षा बाबर द्वारा किया गया।
कार्यक्रम में रामलखन गजेंद्र, प्रतापराव कृदत्त, शिवाजी साहू, कैलाश भोसले, राजकुमार पटेल, शिरोमणीराव घोरपड़े, ऋषीकांत सिन्हा, राघवेंद्र राव रणसिंह, पवन कौशिक, सुनील घाटगे, दीपक नामदेव, नीलेश राजा, रामजी जगताप, भूपेंद्र मिश्रा, कृपाशंकर मिश्रा, अशोक कावड़े, अभिषेक जगताप, प्रकाश पवार, दिनेश पटवा, उमेश सिंह बशिस्ट, ममता बाबर, ज्योति रणसिंह, सरला रणसिंह, दुर्गा रणसिंह, अनिता अग्रवाल, चेतना रणसिंह, स्नेहलता जायसवाल सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।सम्मेलन का आयोजन छत्रपति शिवाजी मराठा मंगल भवन में दोपहर 2 बजे से सायंकाल तक किया गया। अंत में आयोजकों ने सभी अतिथियों एवं उपस्थित जनसमुदाय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए सामाजिक समरसता, राष्ट्रभाव और सांस्कृतिक चेतना बनाए रखने का संकल्प लिया।





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