
कोरोना टीकाकरण : सरायपाली अनुविभाग में टीकाकरण कार्य ने पकड़ी गति ।
सरायपाली । शासन स्तर पर चलाए जा रहे वैक्सीनेशन का कार्य अब जोर पकड़ने लगी है। एपीएल बीपीएल की बाध्यता खत्म करने, टीकाकरण सेंटरों की संख्या में बढ़ोतरी करने से, जिला प्रशासन की सजगता और स्वास्थ्य अमले की सक्रियता के चलते सरायपाली विकासखंड के तकरीबन 21 गांवों में शतप्रतिशत टीकाकरण का कार्य हो चुका है।
जिला कलेक्टर डोमन सिंह के निर्देश एवं एसडीएम बीएस मरकाम द्वारा तहसीलदार युवराज सिंह कुर्रे के साथ अंचल के दूरस्थ क्षेत्रों के सरपंच, सचिव, मितानिन, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, स्वास्थ्य विभाग की जमीनी कर्मचारियों के माध्यम से गांव में लगातार लोगों को वेक्सिन लगाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। जिसका परिणाम अब सामने आने लगा है। मगर अब भी लोगों में वेक्सीन को लेकर के जागरूकता का अभाव है। कई ग्रामीण पहला डोज लगाने के बाद भी दूसरा डोज लगाने से कतरा रहे हैं। कई लोग तो अब भी वैक्सीनेशन के लिए अनिच्छा जाहिर कर रहे हैं।
एसडीएम बीएस मरकाम ने बताया कि 16 से 25 जून तक सरायपाली विखं के 21 गांव में शत प्रतिशत वैक्सिनेसन का कार्य हो चुका है। 18 से 44 वर्ष तक के हितग्राहियों को इन दिनों टीका लगाया जा रहा है। अब तक अर्जुंडा, कुल्लूढुढ़ा, तिलाईमाल, दीवानगुढ़ी, सोनपुरी, कटँगपाली, बनहरडीह, गमहारडीह, गौरबहाली, खैरमाल, जोबा, मौलीखार, अरतुंंडा, दीवानपाली, अमलीपदर,डोंगरीपाली, साल्हेभाटा, डेबरीगढ़, छिर्राखार, कनपला और बमह्निद्वार सहित 21 गांव में 1217 लोगों को अब तक टीका लगा जा चुका है। स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि गर्भवती, शिशुवती महिला, गंभीर रूप से बीमार व्यक्ति को टीका नहीं लगाया जा रहा है। इन गांवों में 40 गर्भवती महिला, 47 शिशुवती महिला एवं गंभीर रूप से बीमार 86 व्यक्ति को फिलहाल टीका नहीं लगाया गया है। 124 हितग्राही गांव से बाहर होने के कारण इन्हें टीका नहीं लग पाया है।
वेक्सिन को लेकर आज भी गांव में भ्रम की स्थिति बनी हुई है। ग्रामीण अंचलों में टीकाकरण को लेकर तरह-तरह की अफवाहें फैलाई जा रही है। अफवाहों के चलते ही कई लोग वैक्सीनेशन सेंटर तक जाने से कतरा रहे हैं।अफवाहों के चलते ही टीका नहीं लगाने वाले इच्छुक व्यक्तियों की संख्या 48 है। ग्रामीणों का कहना है कि जो व्यक्ति टीका नहीं लगाता है ऐसे व्यक्तियों पर कार्रवाई होनी चाहिए। गांव में नकारात्मक सोच रखने, अफवाहों पर विश्वास करने वाले लोग वेक्सीनेशन कार्य में सबसे बड़ी रोड़ा अटका रहे हैं। ऐसे लोगों पर शासन स्तर पर कार्रवाई होनी चाहिए।
सरायपाली से दूर, जंगल से लगे गांवों को पिछड़ा गांव माना जाता है मगर इन्हीं गांव में शत-प्रतिशत टीकाकरण होना एसडीएम बीएस मरकाम की मेहनत का परिणाम है। अर्जुंदा गांव को सरायपाली विकासखंड का शत प्रतिशत टीका लगवाने वाला गांव बनने का गौरव हासिल हुआ है। गांव में कुल आबादी 896 है जिनमें से 18 से 14 वर्ष के हितग्राहियों की संख्या 295 है। जिनमें से 265 लोगों को टीका लगा चुका है। 10 गर्भवती महिला 8 शिशुवती महिला, 6 गंभीर बीमार व्यक्ति एवं तीन व्यक्ति गांव से बाहर होने के कारण टीका नहीं लगाया जा सका है। तीन व्यक्ति ऐसे भी हैं जिन्होंने टीका लगाने में अनइच्छा जाहिर की है। बहरहाल जिन 21 गांव ने टीकाकरण अभियान को सफल बनाने में प्रशासन का सहयोग कर शतप्रतिशत टीकाकृत गांव की सूची में नाम दर्ज कराया है उन गांव से अन्य गांवों को भी कुछ सीख लेनी चाहिए।

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