C.G.

बदले की आग में बना दरिंदा, कानून ने सिखाया सबक — मोहन साहू को उम्रकैद। तात्कालीन थाना प्रभारी नितेश सिंह की अगुवाई में शानदार पुलिस कार्रवाई, 24 घंटे में हुई थी गिरफ्तारी—आरोपी मोहन साहू को उम्रकैद

तात्कालीन थाना प्रभारी नितेश सिंह की अगुवाई में शानदार पुलिस कार्रवाई, 24 घंटे में गिरफ्तारी—आरोपी मोहन साहू को उम्रकैद

महासमुंद।कहानी एक ऐसे अपराध की, जहां बदले की आग ने इंसानियत को पूरी तरह निगल लिया… लेकिन आखिरकार कानून की पकड़ से कोई बच नहीं पाया। कोमाखान थाना क्षेत्र में हुए सनसनीखेज हमले के मामले में आरोपी मोहन साहू को माननीय न्यायालय ने आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। यह फैसला न सिर्फ पीड़िता के लिए न्याय है, बल्कि समाज के लिए एक सख्त संदेश भी।

गवाही बनी दुश्मनी की वजह...

मामले की जड़ एक पुराने छेड़खानी केस से जुड़ी है, जिसमें पीड़िता की मां ने कोर्ट में आरोपी के खिलाफ गवाही दी थी। यही गवाही आरोपी के मन में नफरत का बीज बन गई। जेल से छूटते ही मोहन साहू बदले की आग में जलने लगा और पीड़ित परिवार की गतिविधियों पर नजर रखने लगा।

16 अगस्त 2024: जब घर में घुसा मौत का परवाना बनकर…लेकिन पीड़िता के भाग्य ने दिया साथ…..

दिनांक 16 अगस्त 2024… पीड़िता घर में अकेली थी। इसी मौके का फायदा उठाते हुए आरोपी ने दरवाजा तोड़ा और घर में घुस गया। उसके इरादे साफ थे—हत्या। उसने चाकू से ताबड़तोड़ हमला किया और पीड़िता को गंभीर रूप से घायल कर मौके से फरार हो गया। घटना ने पूरे इलाके को दहला दिया।

24 घंटे में गिरफ्तारी: पुलिस की मुस्तैद कार्रवाई

घटना के तुरंत बाद कोमाखान पुलिस हरकत में आई। तत्कालीन थाना प्रभारी नितेश सिंह की अगुवाई में टीम ने महज 24 घंटे के भीतर फरार आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई पुलिस की मुस्तैदी और प्रतिबद्धता का बड़ा उदाहरण बनी।

साक्ष्य मिटाने की कोशिश, लेकिन बच नहीं पाया…

आरोपी ने अपने अपराध के सबूत मिटाने की भी पूरी कोशिश की। घटना में इस्तेमाल किया गया चाकू उसने नदी में फेंक दिया था, लेकिन पुलिस ने गहन विवेचना और सटीक साक्ष्य संकलन के जरिए उसकी हर चाल को नाकाम कर दिया।*मजबूत साक्ष्य, सख्त सजा*पुलिस द्वारा तैयार किए गए पुख्ता अभियोग पत्र और मजबूत साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को सभी धाराओं में दोषी ठहराया। खासतौर पर हत्या के प्रयास की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने उसे आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई।

पुलिस की मेहनत रंग लाई, मिला न्याय

इस पूरे मामले में कोमाखान पुलिस की त्वरित कार्रवाई और सटीक जांच ने पीड़िता को न्याय दिलाने में अहम भूमिका निभाई।

परिवार ने जताया आभार

फैसले के बाद पीड़िता के पिता ने कोमाखान थाना स्टाफ सहित पूरे पुलिस प्रशासन का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पुलिस की तत्परता और न्यायालय के फैसले ने उनके परिवार को न्याय का भरोसा दिलाया है।

संदेश साफ है…

यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि अपराध चाहे कितना भी शातिर क्यों न हो, कानून के हाथ लंबे होते हैं। बदले की आग में जलकर किया गया अपराध आखिरकार आरोपी को उम्रभर की सजा दे गया।

डॉ.भास्कर राव पांढरे

डॉ.भास्कर राव पांढरे वर्ष 2010 से पत्रकारिता जगत से जुड़े हुए हैं । इन्होंने विभिन्न समाचार पत्रों में सह संपादक के पद पर अपने दायित्वों का व निर्वहन किया है ।2023 की विधानसभा चुनाव के दौरान छत्तीसगढ़ के विभिन्न विधानसभाओं में जनता का अभिमत जानने के लिएजननायक कार्यक्रम लेकरपहुंचे थे , जो विधानसभा चुनाव के दौरान बहुत लोकप्रिय हुआ था । वर्तमान में यह The Howker News के प्रधान संपादक के पद पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
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