C.G.

बिहान की महिलाओं ने लिखी आत्मनिर्भरता की नई कहानी: केशव चंद्राकर

बागबाहरा में 53 समूहों को मिला 2.352 करोड़ का आर्थिक संबल

बागबाहरा – कभी घर की चार दीवारी तक सीमित रहने वाली ग्रामीण महिलाएं अब किराना स्टोर, फैंसी स्टोर, बकरी पालन, डेयरी, सेंट्रिंग प्लेट और टेंट हाउस जैसे कारोबार की कमान संभालकर स्वावलंबन की मिसाल पेश कर रही हैं। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ ने बागबाहरा क्षेत्र की महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को नई रफ्तार दी है।

बागबाहरा जनपद पंचायत परिसर में आज एसएचजी समूहों, कैडर एवं पदाधिकारियों का विकासखंड स्तरीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम आयोजित हुआ। इसमें बैंक लिंकेज, वित्तीय साक्षरता और विभागीय योजनाओं के अभिसरण को लेकर महिलाओं को प्रशिक्षण दिया गया। कृषि, मत्स्य, उद्यानिकी, पशु चिकित्सा, महिला एवं बाल विकास, व्यापार एवं उद्योग विभाग तथा विभिन्न बैंकों के शाखा प्रबंधकों ने योजनाओं और स्वरोजगार के अवसरों की जानकारी दी।आंकड़े बताते हैं कि बदलाव जमीन पर दिखाई दे रहा है।

बागबाहरा क्षेत्र में महिला समितियों द्वारा 139 किराना स्टोर, 35 फैंसी स्टोर, 44 बकरी पालन, 8 गाय पालन, 35 सेंट्रिंग प्लेट और 19 टेंट हाउस संचालित किए जा रहे हैं।प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान 53 समूहों को कुल 2 करोड़ 35 लाख 20000 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की गई तथा 22 उद्यमी दीदी को व्यक्तिगत उद्यम ऋण का स्वीकृति पत्र वितरण किया गया । योजना के माध्यम समूहों को अब तक रिवॉल्विंग फंड से 348.6 लाख, सामुदायिक निवेश कोष से 1208.4 लाख और ग्राम संगठन स्टार्टअप फंड से 24.85 लाख रुपये प्राप्त हो चुके है जो इन्हीं के क्लस्टर के माध्यम से इनके ही समूहों को बहुत कम ब्याज दर में आसान किस्तो में रोटेशन होते रहते है, याने ये क्लस्टर समूह के लिए चलता फिरता मिनी बैंक के रूप भी कार्य करता है ।

कार्यक्रम में जनपद अध्यक्ष केशव नायकराम चंद्राकर, उपाध्यक्ष तरुण व्यवहार, जनपद सीईओ एम.एल. मंडावी, सभापति लता पांडे,सभापति मधुलिका गणेश चंद्राकर,जनपद सदस्य चंद्रकला साहू, सरपंच संघ अध्यक्ष एडिसन ठाकुर सरपंच,तमोरा सेवाराम साहू, सीईओ जी.आर. बरिहा सहित अधिकारी-कर्मचारी और चारों क्लस्टर की महिला समितियों के सदस्य उपस्थित रहे।

बिहान अब सिर्फ योजना नहीं, गांव की महिलाओं के हाथों में रोजगार और आत्मनिर्भरता की ताकत बनने की दिशा में बढ़ता कदम बन रहा है।

जनपद अध्यक्ष केशव चंद्राकर ने कहा कि बिहान योजना ग्रामीण महिलाओं के जीवन में आर्थिक बदलाव का मजबूत माध्यम बन रही है। महिला स्व-सहायता समूहों को प्रशिक्षण के साथ वित्तीय सहायता और बाजार से जोड़ने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। हमारा लक्ष्य है कि बागबाहरा क्षेत्र की अधिक से अधिक महिलाएं स्वरोजगार से जुड़कर आत्मनिर्भर बनें और अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करें।

जनपद उपाध्यक्ष तरुण व्यवहार ने कहा कि महिला समूहों को केवल ऋण उपलब्ध कराना ही उद्देश्य नहीं है, बल्कि उन्हें सही व्यवसाय का चयन, वित्तीय प्रबंधन और विभिन्न विभागीय योजनाओं का लाभ दिलाकर स्थायी आजीविका से जोड़ना जरूरी है। बिहान से जुड़ी महिलाओं की सफलता यह साबित कर रही है कि अवसर और सहयोग मिले तो ग्रामीण महिलाएं बड़े स्तर पर कारोबार खड़ा कर सकती हैं।

जनपद सीईओ एम.एल. मंडावी ने कहा कि प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से महिला समूहों को बैंक लिंकेज, वित्तीय साक्षरता और विभिन्न विभागों की योजनाओं की जानकारी दी गई है। समूहों को उपलब्ध कराई जा रही वित्तीय सहायता का उद्देश्य उनकी आर्थिक गतिविधियों को विस्तार देना और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा करना है। जनपद पंचायत द्वारा बिहान समूहों को हरसंभव सहयोग एवं मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा।

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