
टीएस बाबा के लगातार दौरों से कांग्रेस में बढ़ी हलचल
प्रदेश अध्यक्ष बदलने की अटकलों के बीच तेज हुई राजनीतिक सरगर्मी
धमतरी/रायपुर। छत्तीसगढ़ कांग्रेस में इन दिनों संगठनात्मक बदलाव को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। पूर्व उपमुख्यमंत्री टी एस सिंहदेव के लगातार प्रदेशव्यापी दौरों ने पार्टी के भीतर नई राजनीतिक हलचल पैदा कर दी है। बीते कुछ महीनों से बाबा अलग-अलग जिलों में लगातार सक्रिय नजर आ रहे हैं, जिससे कांग्रेस के अंदर नए समीकरण बनने की चर्चा तेज हो गई है।




कई जिलों में बढ़ी बाबा की सक्रियता
जानकारों का मानना है कि टीएस सिंहदेव की सक्रियता अब केवल उनके विधानसभा क्षेत्र तक सीमित नहीं रही। वे लगातार प्रदेश के अलग-अलग जिलों का दौरा कर कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेताओं से संपर्क साध रहे हैं।
हाल के महीनों में बाबा ने सूरजपुर, रायगढ़, जांजगीर-चांपा, सारंगढ़, बालोद, दल्लीराजहरा, भानुप्रतापपुर, कांकेर सहित कई क्षेत्रों में कार्यक्रम किए हैं। दिल्ली दौरे के बाद उनकी राजनीतिक गतिविधियां और तेज मानी जा रही हैं।
प्रदेश अध्यक्ष पद की दौड़ में कई बड़े नाम
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बदलने की चर्चाओं के बीच कई दिग्गज नेताओं के नाम सामने आ रहे हैं। इनमें पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, पूर्व मंत्री उमेश पटेल, अमरजीत भगत, देवेंद्र यादव और टी एस सिंहदेव प्रमुख माने जा रहे हैं।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि हाईकमान के स्तर पर टीएस सिंहदेव का नाम मजबूत दावेदारों में शामिल है। वहीं युवा नेतृत्व के रूप में देवेंद्र यादव को भी आगे बढ़ाने की संभावनाओं पर चर्चा हो रही है।
दीपक बैज का कार्यकाल पूरा होने की चर्चा
वर्तमान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज का लगभग तीन वर्ष का कार्यकाल पूरा होने जा रहा है। इस दौरान उन्होंने संगठन को सक्रिय रखने और भाजपा सरकार के खिलाफ लगातार आक्रामक भूमिका निभाने का प्रयास किया।
पार्टी सूत्रों के अनुसार कांग्रेस हाईकमान अब मिशन 2028 को ध्यान में रखते हुए संगठन में नए नेतृत्व और नई रणनीति पर विचार कर रहा है।
मिशन 2028 की तैयारी में जुटा हाईकमान
कांग्रेस आगामी विधानसभा चुनाव 2028 को लेकर अभी से रणनीति बनाने में जुट गई है। संगठन को मजबूत करने, कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा भरने और प्रदेश स्तर पर नेतृत्व परिवर्तन जैसे मुद्दों पर मंथन जारी है।
इसी राजनीतिक पृष्ठभूमि में प्रदेश अध्यक्ष बदलने की सुगबुगाहट को भी देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि हाईकमान ऐसा चेहरा सामने लाना चाहता है जो संगठन और जनाधार दोनों स्तर पर पार्टी को मजबूती दे सके।
बाबा के दौरों को भाजपा भी गंभीरता से ले रही
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि टीएस सिंहदेव के दौरों को भाजपा भी गंभीरता से देख रही है। वर्ष 2018 में कांग्रेस को सत्ता तक पहुंचाने में बाबा की महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती रही है।
अब एक बार फिर उनकी बढ़ती सक्रियता को कांग्रेस संगठन में बड़े बदलाव और भविष्य की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। लगातार हो रहे उनके जनसंपर्क कार्यक्रमों ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं में नई चर्चा छेड़ दी है।





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