
कला के क्षेत्र में बढ़ा महासमुंद का गौरव , तृप्ति खरे को मिला स्वर्ण पदक
दीक्षांत समारोह में तृप्ति खरे को स्वर्ण पदक

महासमुंद।इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय, खैरागढ़ से एमएफए मूर्तिकला में तृप्ति खरे ने प्रावीण्य सूची में प्रथम स्थान प्राप्त कर जिले का नाम गौरवान्वित किया है।
इस उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए 28 जनवरी को विश्वविद्यालय के प्रेक्षागृह में आयोजित 17वें दीक्षांत समारोह में उन्हें श्रीमती कविता कृष्ण कुमार शास्त्री स्मृति स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया।

मुख्य अतिथि महामहिम राज्यपाल रमेन डेका ने तृप्ति खरे को स्वर्ण पदक प्रदान कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
तृप्ति खरे मूर्तिकला की मेधावी छात्रा हैं और उन्होंने यह सफलता अपने निरंतर परिश्रम, लगन और कला के प्रति समर्पण से अर्जित की है।तृप्ति खरे स्थानीय अयोध्या नगर निवासी कवि एवं साहित्यकार बंधु राजेश्वर खरे की सुपुत्री हैं, उन्होंने वरिष्ठ मूर्तिकार प्रोफेसर शिब प्रसाद चौधरी के मार्गदर्शन में मूर्तिकला की शिक्षा प्राप्त की।
इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर परिवारजनों के साथ ही इंटैक, आस्था साहित्य समिति, काव्यांश, दिशा नाट्य मंच के पदाधिकारियों एवं सदस्यों, पत्रकार साथियों तथा विश्वविद्यालयीन मित्रों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए तृप्ति खरे को बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।





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