
“यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवताः” – डॉ. एकता लंगेह । कौवाझर में गूंजा नारी सशक्तिकरण का स्वर।
महिला सशक्तिकरण पर कौवाझर में विशेष कार्यक्रम संपन्न ।
महासमुंद। ग्राम कौवाझर में रविवार को महिला सशक्तिकरण विषय पर विशेष कार्यक्रम का आयोजन उत्साहपूर्वक संपन्न हुआ। इस अवसर पर महिलाओं की भूमिका, अधिकारों और समाज में उनकी स्थिति पर विस्तृत चर्चा की गई।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि समाज सेविका डॉ. एकता लंगेह ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में कहा –”यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवताः” अर्थात् “जहां नारी की पूजा होती है, वहीं देवता निवास करते हैं।” उन्होंने आगे कहा कि आधुनिक युग में महिला सशक्तिकरण सबसे अहम मुद्दा है, लेकिन यह दुर्भाग्य है कि शक्ति स्वरूप होने के बावजूद महिलाएं आज भी अपेक्षित सम्मान और अवसरों से वंचित हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि राष्ट्र की प्रगति तभी संभव है जब महिलाएं स्वास्थ्य, शिक्षा और आर्थिक रूप से सशक्त होकर अपने अधिकारों के प्रति जागरूक बनें।




कार्यक्रम की अध्यक्षता ग्राम पंचायत कौवाझार के सरपंच श गेंदराम जांगड़े ने की। वहीं, विशेष अतिथि जिला सदस्य प्रतिनिधि श्री अमर चंद्राकर और जनपद सदस्य सुश्री अंजलि जगन्नाथ खैरवार उपस्थित रहे।
डॉ. एकता लगेह ने इस दौरान महिलाओं के स्वास्थ्य पर विशेष जोर देते हुए किशोरी बालिकाओं को सेनेटरी पैड का वितरण भी किया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता और संसाधनों की उपलब्धता महिलाओं और किशोरियों के लिए बेहद आवश्यक है।
विशेष अतिथि अमर चंद्राकर ने अपने उद्बोधन में कहा कि महिलाएं समाज की धुरी हैं। उन्होंने उपस्थित महिलाओं को झांसी की रानी लक्ष्मीबाई जैसी वीरांगनाओं से प्रेरणा लेने और जीवन में आत्मनिर्भरता व साहस का परिचय देने का आह्वान किया।
इस अवसर पर ग्राम पंचायत के पंच, ग्रामीणजन, महिला स्व-सहायता समूह की सदस्याएँ, हेमवती यादव और ममता यादव सहित बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद थीं। कार्यक्रम का संचालन डाइजेश्वरी चंद्राकर ने कुशलतापूर्वक किया।
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