
श्री बूढ़ेश्वर महादेव मंदिर के जीर्णोद्धार कार्य का ट्रस्ट सदस्यों ने किया निरीक्षण
विक्रांत शर्मा, पत्रकार
धमतरी। नगर के ऐतिहासिक एवं प्राचीन धरोहरों में शुमार श्री बूढ़ेश्वर महादेव मंदिर के जीर्णोद्धार कार्य का आज ट्रस्ट के पदाधिकारियों एवं गणमान्य नागरिकों ने निरीक्षण किया। यह मंदिर छठवीं–सातवीं शताब्दी का बताया जाता है, जिसे धमतरी क्षेत्र का सबसे प्राचीन मंदिर माना जाता है। यहां विराजमान लगभग 1400 वर्ष पुराने स्वयंभू शिवलिंग की महिमा आज भी जनमानस के आस्था का केंद्र है।






शनिवार को आयोजित इस निरीक्षण कार्यक्रम में नगर के महापौर एवं मंदिर ट्रस्ट के उपाध्यक्ष जगदीश रामू रोहरा, ट्रस्ट अध्यक्ष विपिन पवार, कोषाध्यक्ष मुकेश सुखवानी, सचिव नीलेश लूनिया सहित ट्रस्ट के अन्य सदस्य उपस्थित रहे। सभी पदाधिकारियों ने मंदिर में चल रहे जीर्णोद्धार कार्य का बारीकी से अवलोकन किया और निर्माण कार्य की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया।
इस अवसर पर महापौर जगदीश रामू रोहरा ने कहा कि –
“यह क्षेत्र का प्राचीनतम मंदिर है, जिसके पुनर्निर्माण में राजस्थान से विशेष पत्थरों का उपयोग किया जा रहा है। कारीगरी और स्थापत्य शैली ऐसी होगी कि मंदिर निर्माण पूर्ण होने के बाद यह अपने औलख, भव्यता और शिल्पकला के नाम से पूरे प्रदेश में अद्वितीय पहचान बनाएगा। यहाँ स्थित स्वयंभू शिवलिंग सैकड़ों वर्षों से श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र रहा है और भविष्य में भी यह क्षेत्र के विकास तथा जनकल्याण के लिए आशीर्वाद स्वरूप विद्यमान रहेगा।”
मंदिर ट्रस्ट के सचिव नीलेश लूनिया ने भी बताया कि मंदिर का जीर्णोद्धार कार्य निरंतर गति से चल रहा है और जल्द ही इसे पूर्ण कर भक्तों के लिए खोल दिया जाएगा। अध्यक्ष विपिन पवार व कोषाध्यक्ष मुकेश सुखवानी ने भी इस धार्मिक धरोहर को सहेजने में आमजन की सहभागिता पर बल दिया।
निरीक्षण के दौरान भाजपा नेता महेंद्र खंडेलवाल एवं अंबेडकर वार्ड के पार्षद कुलेश सोनी भी विशेष रूप से उपस्थित रहे और उन्होंने इस पवित्र धरोहर के संवर्धन में ट्रस्ट के प्रयासों की सराहना की।
धमतरी की धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान से जुड़ा श्री बूढ़ेश्वर महादेव मंदिर न केवल आस्था का केंद्र है, बल्कि क्षेत्र की प्राचीन सभ्यता और शिल्पकला का भी जीवंत प्रमाण है। इसके जीर्णोद्धार कार्य से आने वाली पीढ़ियों को इस धरोहर को देखने और जानने का अवसर मिलेगा।
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